
आज के एपिसोड में दिग्विजय प्रेरणा से कहता है कि जीने के लिए अगर पानी और हवा भी रुक जाए, तब भी उम्मीद बाकी रहती है। वह प्रेरणा को हिम्मत देता है और कहता है कि उसे भरोसा रखना चाहिए कि वह एक रिश्ते को संभाल सकती है। दिग्विजय कहता है कि शायद भगवान ने अंश को उसकी जिंदगी में किसी खास वजह से भेजा है।
वहीं दूसरी तरफ, अनुपमा अंश से कहती है कि उसे अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहिए और प्यार को एक और मौका देना चाहिए। अंश पूछता है कि उसे क्या करना चाहिए। अनुपमा उसे प्रेरणा से बात करने और अपने दिल की बात समझने की सलाह देती है। उधर दिग्विजय भी प्रेरणा से कहता है कि वह अंश से बात करे और समझे कि वह सिर्फ दोस्त है या उससे बढ़कर कुछ।
दिग्विजय प्रेरणा को अपने जीवन में एक साथी का स्वागत करने के लिए प्रोत्साहित करता है। अनुपमा और अंश खुश होते हैं। दिग्विजय की बातें सुनकर प्रेरणा भावुक हो जाती है और दिग्विजय उसके चेहरे पर मुस्कान ले आता है। दोनों एक-दूसरे को गले लगाते हैं। वहीं अनुपमा भी अंश को गले लगाती है।उधर श्रुति प्रेम से पूछती है कि वह हर काम खुद क्यों करना चाहता है। प्रेम कहता है कि वह कोई गलती नहीं होने देना चाहता। श्रुति उसे व्यावहारिक बनने की सलाह देती है और कहती है कि वे पेशेवर लोगों को काम पर रखेंगे। तभी प्रेम को फूड कार्निवल से फोन आता है। वह खुश होकर बताता है कि उनके कैफे का चयन फूड कार्निवल के लिए हो गया है।
श्रुति पूछती है कि क्या अनुपमा का कैफे भी चुना गया है। प्रेम बताता है कि अनुपमा का फॉर्म जमा ही नहीं हुआ और अब रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख भी निकल चुकी है। श्रुति प्रेम को बधाई देती है।
दिग्विजय और अनुपमा अंश और प्रेरणा के बारे में बात करते हैं। दोनों उन्हें साथ देखकर खुश होते हैं। इसी दौरान एक गेंद अनुपमा की तरफ आती है, लेकिन दिग्विजय उसे लगने से पहले ही रोक देता है।
परितोष आकर अनुपमा और दिग्विजय को बताता है कि प्रेम का कैफे प्रतियोगिता के लिए चुन लिया गया है। यह सुनकर अनुपमा हैरान हो जाती है क्योंकि उसे कोई कॉल नहीं आया। उसे शक होता है कि कुछ गड़बड़ है।वहीं प्रेम राही को गले लगाने से इनकार कर देता है। वह कहता है कि राही ने अनुपमा को माफ कर दिया है और दिग्विजय व अनुपमा की दोस्ती का भी समर्थन कर रही है।
राही प्रेम को समझाने की कोशिश करती है कि वह उसी के साथ खड़ी है, लेकिन प्रेम उसकी बात मानने को तैयार नहीं होता। राही को डर सताने लगता है कि कहीं प्रेम भविष्य में उनके रिश्ते में भी दूरी न बना ले। दूसरी तरफ, दिग्विजय अनुपमा को बताता है कि उनके कैफे का रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ है। यह जानकर अनुपमा परेशान हो जाती है, क्योंकि फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख भी निकल चुकी है।
अंश और माही भी चिंता में पड़ जाते हैं। अंश को शक होता है कि फॉर्म के साथ प्रेम ने कुछ गड़बड़ी की है। सच जानने के लिए अनुपमा और दिग्विजय ऑफिस जाने का फैसला करते हैं।
इधर ख्याति राही की तारीफ करती है कि उसने अनुपमा का साथ दिया। वह कहती है कि उसे हमेशा से पता था कि राही कभी प्रेम का साथ नहीं छोड़ेगी। राही पूछती है कि फिर प्रेम उसकी बात क्यों नहीं समझ रहा। ख्याति कहती है कि प्रेम बदले की भावना में अंधा हो चुका है और गलत कर रहा है। लेकिन राही किसी भी कीमत पर प्रेम के साथ रहने का फैसला करती है।
ख्याति को राही की सेहत की चिंता सताने लगती है। राही डरते हुए कहती है कि शायद वह कभी मां नहीं बन पाएगी। तभी वसुंधरा और प्रेम को राही की बीमारी के बारे में सच पता चल जाता है।वसुंधरा राही पर आरोप लगाती है कि वह मां नहीं बन सकती और उसने सबको धोखा दिया है। राही समझाने की कोशिश करती है कि वह प्रेम को सब बताने वाली थी, लेकिन मौका नहीं मिला। वसुंधरा कहती है कि राही बीमार है और इसी वजह से वह गर्भधारण नहीं कर पाएगी।
ख्याति बीच में बोलती है कि राही को सिर्फ हार्मोनल इम्बैलेंस है। लेकिन वसुंधरा उसकी बात मानने से इनकार कर देती है। वह कहती है कि अगर राही को समय पर पीरियड्स नहीं आते, तो वह कभी मां नहीं बन सकेगी।
ख्याति जवाब देती है कि राही की इस हालत के लिए वे लोग खुद जिम्मेदार हैं। वसुंधरा परी को धन्यवाद देती है कि उसने उन्हें बच्चा दिया। परी कहती है कि राही भी ठीक हो सकती है, लेकिन वसुंधरा उसकी बात सुनने से मना कर देती है और लगातार राही को दोषी ठहराती रहती है।उधर अनुपमा प्रतियोगिता को लेकर चिंतित रहती है और दिग्विजय के अच्छी खबर लाने का इंतजार करती है।एपिसोड समाप्त!!
प्रीकैप: अनुपमा हसमुख और लीला की सालगिरह का जश्न मनाती है और चाहती है कि राही और प्रेम भी इसमें शामिल हों। राही और प्रेम समारोह में आते हैं, लेकिन अनुपमा को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। परी भावुक होकर रो पड़ती है। अनुपमा अंदाजा लगा लेती है कि परी राही को लेकर परेशान है।
हमारी राय: राही के व्यवहार को केवल उसकी परेशानी या तनाव का बहाना बनाकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उसने कई बार बिना वजह अनुपमा का अपमान किया है। हालांकि उसकी मौजूदा परिस्थितियां कठिन हैं, लेकिन रिश्तों में उसकी गलतियों को भी अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। अनुपमा को भी हर बार उसे इतनी आसानी से माफ करने के बजाय स्थिति को समझदारी से संभालना चाहिए।