अनुपमा रिटेन अपडेट 16 जनवरी 2026 : अनुपमा के हस्ताक्षरों से चॉल पर मंडराया संकट और सब कुछ दांव पर!!

आज के एपिसोड में, अंश पूरी तरह टूट जाता है। परी, राजा और इशानी उसे संभालने की कोशिश करते हैं। अंश को इस बात का पछतावा होता है कि वह प्रार्थना की रक्षा नहीं कर पाया और वह उसके सामने जाने से भी हिचकता है। परी और इशानी अंश से कहते हैं कि वह खुद को दोषी न माने, क्योंकि इसमें उसकी कोई गलती नहीं है। परी उसे याद दिलाती है कि सब जानते हैं कि वह प्रार्थना से कितना प्यार करता है। राजा भी अंश को ढाढ़स बंधाता है।राही इस बात से परेशान है कि अनुपमा हर किसी की ज़िम्मेदारी अपने ऊपर ले लेती है। उसका मानना है कि अनुपमा को प्रार्थना को शाह हाउस में ही रहने देना चाहिए था। राही कहती है कि वह अनुपमा की ज़िद से थक चुकी है।

प्रेम बताता है कि वह भी पराग के लगातार गुस्से से परेशान हो चुका है। राही इशारा करती है कि अनुपमा हर किसी की ज़िम्मेदारी ले लेती है और अंत में खुद ही मुसीबत में फँस जाती है। उसे डर है कि अगर कुछ भी गलत हुआ, तो सारा दोष अनुपमा पर ही आएगा। राही उसकी चिंता करती है। तभी अनुपमा राही को मैसेज करती है और भरोसा दिलाती है कि इस बार वह ज़िम्मेदारी संभालते समय सावधानी बरतेगी।पराग गुस्से में है।

गौतम पराग को दोष देता है कि उसने प्रार्थना को शाह हाउस भेजा और अपने अजन्मे बच्चे को लेकर चिंता जताता है। गौतम चाहता है कि प्रार्थना काग़ज़ों पर साइन करे और माही भी उसका समर्थन करती है। पराग अपना आपा खो देता है और सबको डाँटकर कहता है कि कोई भी प्रार्थना को तनाव न दे, क्योंकि इस समय उसकी सेहत सबसे ज़्यादा ज़रूरी है।रजनी पराग को फोन करती है और पराग अच्छे समाचार की उम्मीद करता है। रजनी उसे बताती है कि सारी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही चॉल को गिराया जाएगा। वह पराग से मुंबई आने को कहती है।

यह सुनकर पराग को राहत मिलती है।अनुपमा भारती और चॉल के निवासियों समेत सभी के लिए प्रार्थना करती है। तभी सुबह-सुबह प्रीत का फोन आता है और अनुपमा घबरा जाती है। प्रीत उसे बताती है कि बिल्डर्स ने चॉल खाली करने की मांग की है क्योंकि जल्द ही तोड़फोड़ शुरू होने वाली है। यह बताते हुए प्रीत फूट-फूटकर रो पड़ती है।अनुपमा इस बात पर यकीन करने से इनकार कर देती है और सीधे बिल्डर्स से बात करने का फैसला करती है। बिल्डर उसे बताता है कि दो हफ्ते पहले नोटिस भेजा गया था, जिसे नज़रअंदाज़ कर दिया गया।

वह चॉल वालों से कहता है कि बुलडोज़र आने से पहले घर खाली कर दें।अनुपमा रजनी से बात करने का सोचती है, लेकिन बिल्डर खुलासा करता है कि उनके पास पहले से ही अनुपमा के साइन की हुई एनओसी है। प्रीत अनुपमा के हस्ताक्षर देखकर उससे सवाल करती है। अनुपमा स्तब्ध रह जाती है और पूरी तरह टूट जाती है। रजनी को लगता है कि अब उसके अच्छे दिन शुरू हो गए हैं।अनुपमा याद करने की कोशिश करती है कि उसने ये काग़ज़ कब साइन किए थे। लीला, हसमुख और पूरा शाह परिवार उसकी हालत देखकर परेशान हो जाता है। अनुपमा उन्हें पूरी बात बताती है और तुरंत मुंबई जाने का फैसला करती है।

लीला उसे याद दिलाती है कि उसने पराग से वादा किया था कि वह प्रार्थना का ख्याल रखेगी और कहती है कि वह उसकी ज़िम्मेदारी नहीं लेगी। किंजल प्रार्थना की देखभाल की पेशकश करती है, लेकिन अंश कहता है कि अनुपमा जैसी देखभाल कोई नहीं कर सकता। अंश और लीला दोनों अनुपमा के मुंबई जाने के फैसले का विरोध करते हैं।

शाह परिवार आपस में चर्चा करता है, लेकिन अनुपमा साफ कह देती है कि उसे जल्द से जल्द मुंबई पहुँचना ही होगा। वह शाह परिवार से प्रार्थना का ख्याल रखने को कहती है और भरोसा दिलाती है कि वह जल्दी लौट आएगी। लीला सवाल उठाती है कि अनुपमा वापसी की गारंटी कैसे दे सकती है और कोठारियों से डर जताती है। अनुपमा लीला से उसे जाने देने की गुहार लगाती है।

वहीं दूसरी ओर, चॉल के निवासी अपने घर खाली करने से मना कर देते हैं और अनुपमा के आने का इंतज़ार करते हैं, ताकि वह बताए कि उसने एनओसी पर साइन कैसे कर दिए। प्रीत उन्हें भरोसा दिलाती है कि अनुपमा आएगी और सब कुछ साफ करेगी।एपिसोड समाप्त!!

प्रीकैप: प्रेम और राही अनुपमा को देखकर हैरान रह जाते हैं। अनुपमा बुलडोज़र रोक देती है और पराग व रजनी को साथ देखकर स्तब्ध रह जाती है।

हमारी राय: हर कोई जरूरत से ज़्यादा अनुपमा पर निर्भर है। राही की बात सही है—आख़िर अनुपमा ही हर किसी की ज़िम्मेदारी क्यों ले? कई बार राही बिल्कुल सही बात करती है। बिना सोचे-समझे एनओसी पर साइन करके अनुपमा खुद को बड़ी मुसीबत में डाल चुकी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि वह खुद को कैसे बेगुनाह साबित करेगी। क्या चॉल के लोग अनुपमा को माफ़ करेंगे? वह अपनी गलती कैसे सुधारेगी?