
आज के एपिसोड की शुरुआत श्रुति के उस समय को याद करने से होती है जब वे अमेरिका में अलग-अलग रेस्टोरेंट्स में जाकर नई-नई डिशेज ट्राय करते थे। वहीं राही को प्रेम की याद आती है और वह उससे दरवाजा खोलने के लिए कहती है।प्रेम राही से कहता है कि वह उसे अकेला छोड़ दे। राही उससे दरवाजा खोलने की विनती करती है और भरोसा दिलाती है कि वह कुछ नहीं कहेगी, बल्कि उसका साथ देगी। लेकिन प्रेम फिर भी मना कर देता है। तभी अनिल राही से कहता है कि वह प्रेम को थोड़ा समय दे, वह उसे खुद बाहर लेकर आएगा। राही चिंतित होकर वहां से चली जाती है।
श्रुति राही से पूछती है कि उसने कार क्यों मोड़ी। राही अनुपमा के कैफे को देखती है। उधर अनुपमा बंकू को बुलाती है और पक्षियों के लिए खाना और पानी रखने का फैसला करती है। बंकू अनुपमा और उसके कैफे की तारीफ करता है। यह देखकर राही गुस्से में आ जाती है और उसे वसुंधरा की बात याद आती है कि कैफे शुरू होने से पहले उसे बर्बाद कर देना चाहिए।
राही को देखकर अनुपमा और बंकू चौंक जाते हैं। बंकू उसे कैफे में आने के लिए कहता है, लेकिन अनुपमा उसे अंदर जाने के लिए कहती है। तभी राही गुस्से में कैफे तोड़ने लगती है। अनुपमा उसे समझाती है कि अगर वह कैफे तोड़ना चाहती है तो तोड़ दे, लेकिन खुद को चोट न पहुंचाए। राही कैफे का बैनर भी फाड़ देती है।अनुपमा कहती है कि वह कैफे फिर से बना सकती है। राही आरोप लगाती है कि अनुपमा को दूसरों के सपने तोड़कर अपना सपना पूरा करने की आदत है। वह उसे बुरा-भला कहती है और सबसे खराब मां तक कह देती है।
अनुपमा समझाने की कोशिश करती है कि वह कैफे किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं, बल्कि सावी का सपना पूरा करने के लिए बना रही है। लेकिन राही कहती है कि उसका सपना तोड़कर अब वह दूसरी बेटी का सपना पूरा कर रही है और उसे अनुपमा से नफरत हो रही है।
श्रुति राही को संभालते हुए कहती है कि उसकी सिर्फ एक बेटी आध्या है और वह उसी के सपनों के लिए जिएगी। यह सुनकर अनुपमा हैरान रह जाती है। श्रुति किराए की जगह को देखकर कुछ सोचती है।उधर प्रेम, अनुपमा के बारे में सोचकर गुस्से में है, लेकिन अनिल उसे शांत करता है। वहीं लीला, पाखी और परितोष ईशानी, हसमुख और अंश से कैफे में मौजूद लोगों के बारे में पूछते हैं, लेकिन वे दिग्विजय और बंकू के बारे में सच नहीं बताते।
बंकू, अनुपमा और राही की बात सुन लेता है और अनुपमा के लिए दुखी होता है। दोनों मां-बेटी अंदर से टूट जाती हैं। बंकू अनुपमा के घाव पर मरहम लगाता है, वहीं श्रुति राही को संभालती है। राही श्रुति के गले लगकर टूट जाती है। अनुपमा जया को देखकर रो पड़ती है, जबकि बंकू भी भावुक हो जाता है और दिग्विजय उसे संभालता है।अनिल राही को लेकर परेशान हो जाता है क्योंकि उसका फोन नहीं लग रहा होता। दूसरी तरफ अनुपमा नींद से उठती है।
दिग्विजय अनुपमा से आराम करने के लिए कहता है। अनुपमा, राही की तरफ से सावी का कैफे तोड़ने के लिए माफी मांगती है। दिग्विजय उसे भरोसा दिलाता है कि कैफे जरूर खुलेगा और राही को अपनी गलती का एहसास होगा। वह अनुपमा को आराम करने की सलाह देता है, लेकिन अनुपमा को राही की चिंता बनी रहती है।एपिसोड समाप्त!!
प्रीकैप: श्रुति, राही और प्रेम से कहती है कि वह एक बड़ा शानदार कैफे खोलना चाहती है और फूड बिजनेस में निवेश करेगी। वह प्रेम से अपनी कुकिंग स्किल्स दिखाने को कहती है। वहीं लीला, अनुपमा से दिग्विजय और बंकू के साथ काम करने को लेकर सवाल करती है। पाखी भी लीला का साथ देती है और परितोष अनुपमा से दिग्विजय के साथ उसके रिश्ते पर सवाल करता है। अनुपमा यह सब सुनकर हैरान रह जाती है।
हमारी राय: श्रुति के इरादे सिर्फ राही तक सीमित नहीं लगते। उसका कैफे खोलने का फैसला किसी बड़े प्लान का हिस्सा लगता है। ऐसा लगता है कि वह लंबे समय से अनुपमा से बदला लेने का इंतजार कर रही थी, क्योंकि उसे लगता है कि अनुपमा ने उसे अनुज और आध्या से दूर किया। अब वह राही और प्रेम का इस्तेमाल कर रही है। अनुपमा को जल्द ही श्रुति की सच्चाई समझनी चाहिए और उसका पर्दाफाश करना चाहिए। वहीं राही के साथ उसका रिश्ता अब सुधरना मुश्किल लगता है।