
आज के एपिसोड की शुरुआत दिग्विजय के अनुपमा के बारे में सोचने से होती है। बंकू दिग्विजय से पूछता है कि वह कहां जा रहा है। वह कहता है कि अनुपमा उसकी चिंता कर रही है। दिग्विजय कहता है कि वह किसी से बात नहीं करना चाहता। वह बंकू से सामान पैक करने को कहता है। दिग्विजय शहर छोड़ने का फैसला कर लेता है। यह सुनकर बंकू हैरान रह जाता है।
दूसरी तरफ अनुपमा हसमुख से बात करती है और दिग्विजय की हालत के लिए खुद को दोष देती है। हसमुख उसे खुद को दोष न देने के लिए कहता है। अनुपमा कहती है कि उसकी वजह से दिग्विजय का घर और कैफ़े बर्बाद हो गया। हसमुख कहता है कि दिग्विजय पूरी दुनिया से लड़कर उसके साथ खड़ा रहा, लेकिन वह उसका साथ नहीं दे पाई। अनुपमा को दिग्विजय को दुख पहुंचाने का पछतावा होता है।
दिग्विजय और अनुपमा दोनों एक-दूसरे के बारे में सोचते हैं। अनुपमा खुद को दोषी महसूस करती है। हसमुख कहता है कि दिग्विजय हीरे जैसा इंसान है। वह बताता है कि दिग्विजय भी अनुपमा की तरह अच्छा इंसान है। हसमुख दोनों के दर्द और संघर्ष की तुलना करता है। वह कहता है कि दोनों का स्वभाव एक जैसा है और दोनों को लोग आसानी से गलत समझ लेते हैं। हसमुख दिग्विजय की तारीफ करता है और अनुपमा को समझाता है कि दिग्विजय उसका साथ इसलिए दे रहा है क्योंकि उसे पता है कि अनुपमा सही है।
वह अनुपमा से कहता है कि उसने दिग्विजय को गलत समझा और अब उसे उसकी अहमियत समझनी चाहिए। वहीं प्रेम दिग्विजय के थप्पड़ के बारे में सोचता है। दूसरी तरफ दिग्विजय अनुपमा से माफी मांगता है। वह कहता है कि उसने सिर्फ इसलिए प्रतिक्रिया दी क्योंकि कोठारी लोग बेवजह अनुपमा को दोष दे रहे थे।
दिग्विजय को अपने व्यवहार का पछतावा होता है। अनुपमा को पता चलता है कि दिग्विजय ने उसकी वजह से प्रतिक्रिया दी थी। दिग्विजय फैसला करता है कि वह अनुपमा से दूर चला जाएगा और कभी वापस नहीं आएगा। वह अपने सफर को अधूरा छोड़ने का निर्णय लेता है और कहता है कि अब वह अनुपमा को अपना चेहरा नहीं दिखाएगा। तभी उसके सपने से अनुपमा गायब हो जाती है।
अनुपमा को एहसास होता है कि उसने कोठारियों की वजह से दिग्विजय को गलत समझा। उसे याद आता है कि बिना गलती के भी हमेशा उसी को दोष दिया गया। हसमुख अनुपमा से कहता है कि देर होने से पहले अपनी गलती सुधार ले।
उधर वसुंधरा प्रेम को दर्द की दवा देने का फैसला करती है। लेकिन प्रेम कहता है कि वह इस दर्द को जिंदा रखना चाहता है। वसुंधरा गौतम से कहती है कि पुलिस बुलाकर अनुपमा और दिग्विजय को जेल भिजवा दे। मीता कहती है कि जब अनुपमा ने पहले गौतम को मारा था तब भी पुलिस बुलानी चाहिए थी। गौतम मीता से पुरानी बातें न उठाने को कहता है। वसुंधरा गौतम को अनुपमा और दिग्विजय के खिलाफ तैयारी करने के लिए कहती है।
प्रेम ऐलान करता है कि अब नफरत का समय शुरू हो चुका है। वह वसुंधरा से कहता है कि अनुपमा को उसके नाम से बुलाए। ख्याति अनुपमा का पक्ष लेने की कोशिश करती है, लेकिन प्रेम अनुपमा के खिलाफ जंग का ऐलान कर देता है। श्रुति कहती है कि वह हमेशा राही और प्रेम का साथ देगी। प्रेम अनुपमा का ड्रीम कैफ़े बर्बाद करने की कसम खाता है। वहीं राही को लगता है कि अनुपमा गलत है, लेकिन उसे यह भी महसूस होता है कि प्रेम भी गलत रास्ते पर जा रहा है। वह प्रेम के गुस्से से डरने लगती है।
परितोष शाह परिवार की दिग्विजय को लेकर हो रही बातचीत रिकॉर्ड करता है। लीला दिग्विजय को कोठारी हाउस जाने के लिए दोष देती है। हसमुख दिग्विजय का पक्ष लेता है। लीला अनुपमा से कहती है कि वह दिग्विजय को अपनी जिंदगी से निकाल दे, लेकिन हसमुख उसके समर्थन में खड़ा रहता है।
प्रेम गुस्से में खुद को चोट पहुंचा लेता है। उसे रोकते हुए राही भी घायल हो जाती है। वहीं बंकू और दिग्विजय सामान पैक करते हैं। ईशानी बंकू से मिलने आती है। बंकू कहता है कि दिग्विजय कभी जानबूझकर अनुपमा को दुख नहीं पहुंचाएगा। ईशानी उसे चिंता न करने को कहती है और जाने से मना करती है। बंकू कहता है कि अगर दिग्विजय जाएगा तो उसे भी जाना पड़ेगा। ईशानी पूछती है कि क्या वह उसे भूल जाएगा।
बंकू कहता है कि वह उसे कभी नहीं भूलेगा। दोनों एक-दूसरे से नजरें चुराते हैं।उधर राही फैसला करती है कि वह हमेशा प्रेम का साथ देगी। प्रेम अनुपमा और दिग्विजय पर गुस्सा निकालता है। राही उसे भरोसा दिलाती है कि वह हमेशा उसके साथ रहेगी। प्रेम पूछता है कि अगर उसे लगता है कि वह गलत है तो सच क्यों नहीं बोलती। लेकिन राही फिर भी प्रेम का समर्थन करती है। प्रेम पूछता है कि ख्याति उस पर भरोसा क्यों नहीं कर रही। राही उसे संभालती है।
आखिर में अनुपमा अपने कैफ़े को चलाने की कसम खाती है। वह प्रतियोगिता जीतने का फैसला करती है ताकि किसी भी कीमत पर दिग्विजय का घर और कैफ़े उसे वापस दिला सके। परितोष अनुपमा का वीडियो रिकॉर्ड करता है। किंजल अनुपमा से पूछती है कि क्या वह दिग्विजय को जाने से रोकेगी।
प्रीकैप: अनुपमा और दिग्विजय एक बड़ी डील हासिल करते हैं। लेकिन तभी प्रेम वह डील अपने हाथ में ले लेता है। प्रेरणा प्रेम से कहती है कि उसने उनका ऑर्डर छीन लिया। प्रेम कहता है कि अनुपमा ने उनकी खुशियां छीनी थीं और अब वह अनुपमा को पूरी तरह बर्बाद करके रहेगा।
हमारी राय: राही सिर्फ प्रेम की नजरों में अच्छा बने रहना चाहती है। अनुपमा के खिलाफ इतनी बातें सुनने के बाद भी वह चुप रहती है और प्रेम का साथ देती है। अनाथ होने के बावजूद राही ने कभी अनुपमा के प्यार और परवाह की कद्र नहीं की। अब वक्त आ गया है कि प्रेम और राही अपने व्यवहार की कीमत चुकाएं। अनुपमा को इस लड़ाई में जीतना चाहिए।