
By Gossips TV : जैसे ही दिवाली की रौशनी पूरे देश में फैल रही है, गुम हैं किसी के प्यार में के कलाकार शक्ति अरोड़ा और हितेश भारद्वाज ने हमारे साथ अपनी दिवाली की तैयारियाँ, यादें और इस साल के खास संकल्प साझा किए।
हितेश भारद्वाज : “इस बार दिवाली मेरे लिए बहुत खास है क्योंकि मेरे माता-पिता मथुरा से आए हैं”हितेश ने खुशी जताते हुए कहा, “आमतौर पर मैं मथुरा जाता हूँ, लेकिन इस बार मम्मी-पापा यहाँ आए हैं और हम साथ में दिवाली मना रहे हैं। मेरे लिए इससे बड़ी खुशी कुछ नहीं हो सकती।”
हितेश मानते हैं कि दिवाली सिर्फ रोशनी और परिवार का त्योहार नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति संवेदनशील होने का समय भी है। वो कहते हैं, “मैं चाहता हूँ कि लोग प्रकृति, स्ट्रे अनीमल्स और पर्यावरण के लिए जागरूक हों। बिना शोर और प्रदूषण के भी दिवाली खूबसूरत हो सकती है। असली दिवाली वही है जिसमें हम अपने घर और दिल दोनों में रोशनी भरें — प्यार, करुणा और सकारात्मकता के साथ।”
शक्ति अरोड़ा : “दिवाली की असली रौशनी धुएं से नहीं, दीयों से फैलती है”शक्ति ने मुस्कुराते हुए अपनी बचपन की यादें ताज़ा कीं,“मेरी सबसे प्यारी दिवाली की याद है — मम्मी-पापा के साथ घर सजाना, दीये जलाना और चुपके से ज़्यादा मिठाइयाँ खाना!”इस साल वो दिवाली सादगी और अपनेपन के साथ मना रहे हैं — “मैं परिवार के साथ समय बिताऊँगा, छोटी सी पूजा करूँगा और पॉज़िटिविटी फैलाऊँगा।”
पटाखों पर रोक की बात करते हुए उन्होंने कहा, “पटाखे पर्यावरण, जानवरों और हमारी सेहत — तीनों को नुकसान पहुँचाते हैं। इसके बजाय दिए जलाइए, रौशनी बाँटिए और उस पैसे से किसी ज़रूरतमंद की मदद कीजिए। अब वक्त है कि हम अपनी सोच बदलें और संवेदनशील तरीके से त्योहार मनाएँ।”
दोनों सितारों का संदेश एक ही था — दिवाली सिर्फ रोशनी और मिठाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि प्यार, कृतज्ञता और जागरूकता का प्रतीक है।