
जाने अनजाने हम मिले: रीत (आयुषी खुराना) ने खेला खतरनाक भावनात्मक खेल, कीर्ति अनजाने में फंसी जाल में, जाने अनजाने हम मिले की कहानी अब एक बड़े ट्विस्ट की ओर बढ़ रही है, जहां रीत खुद ही हालात संभालने का फैसला करती है। परिवार में अचानक खबर फैलती है कि कीर्ति की मां का निधन हो गया है, जिससे हर कोई शोक में डूब जाता है।
लोग इकट्ठा होकर शोक सभा में शामिल होते हैं और श्रद्धांजलि देते हैं। लेकिन यह सब सच्चाई नहीं बल्कि रीत की सोची-समझी योजना का हिस्सा होता है।रीत और उसकी भाभी मिलकर चुपचाप अपनी योजना को अंजाम देती हैं। वे कीर्ति की मां को नींद की गोलियां देकर उनके निधन की झूठी खबर फैलाते हैं। रीत को पूरा भरोसा है कि कीर्ति अपनी मां की आखिरी झलक देखने जरूर आएगी।
जैसा उसने सोचा था, वैसा ही होता है—कीर्ति वहां पहुंचती है, लेकिन अपनी पहचान छुपाने के लिए घूंघट में रहती है।हालांकि रीत की योजना उतनी आसान नहीं होती। वहां मौजूद कई महिलाएं एक जैसी वेशभूषा और घूंघट में होती हैं, जिससे रीत के लिए कीर्ति को पहचानना मुश्किल हो जाता है। बिना किसी शक के उसे पहचान पाना चुनौती बन जाता है। फिर भी रीत हर हरकत पर नजर रखती है, उम्मीद करती है कि सही मौके पर वह कीर्ति को पकड़ लेगी और सच सामने लाएगी।
जेल में राघव की हालत बिगड़ती, रीत का फैसला और भी जोखिम भराइसी बीच राघव की हालत जेल में लगातार बिगड़ती जा रही है। वह अकेलेपन में जी रहा है, दीवार पर दिन गिनता हुआ खुद को संभालने की कोशिश कर रहा है। उसकी बेबसी रीत के फैसलों को और भी जरूरी बना देती है।रीत अपनी प्रेग्नेंसी से भी जूझ रही है, जिससे उसकी स्थिति और कठिन हो जाती है। वह अपनी निजी जिंदगी और राघव को बचाने के मिशन के बीच फंसी हुई है।
अब तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि उसकी पूरी योजना दांव पर लगी है और एक छोटी सी गलती सब कुछ बदल सकती है।आगे क्या होगा—क्या रीत अपनी योजना में सफल होगी या हालात उसके खिलाफ हो जाएंगे—यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।