
क्योंकि सास भी कभी बहू थी: नोइना (बरखा बिष्ट) की हालत ने तुलसी (स्मृति ईरानी) को किया भावुक, मुश्किल हालात में भावनाएं हावी, क्योंकि सास भी कभी बहू थी के आने वाले ट्रैक में एक इमोशनल मोड़ देखने को मिलेगा, जहां नोइना की बिगड़ती तबीयत पूरे परिवार के लिए चिंता का विषय बन जाती है।
डॉक्टर बताते हैं कि नोइना के पास अब बहुत कम समय बचा है, जिससे माहौल गंभीर हो जाता है। ऐसे में नोइना अपनी आखिरी इच्छा जाहिर करती है, जो तुलसी को अंदर तक झकझोर देती है।
तुलसी भावनात्मक रूप से इस स्थिति में जुड़ जाती है और नोइना के नजरिए से सोचने लगती है। उसे लगता है कि मरते हुए इंसान की आखिरी इच्छा पूरी करना सही है। इसी सोच के साथ वह मान लेती है कि परिवार को बिना सवाल किए नोइना का साथ देना चाहिए। उसका फैसला भावनाओं से प्रभावित होता है, जिससे धीरे-धीरे घर में तनाव बढ़ने लगता है।
मिहिर ने किया इनकार, आखिरी इच्छा पूरी करने के दबाव में उलझा परिवारतुलसी एक बड़ा फैसला लेते हुए मिहिर से कहती है कि वह नोइना से शादी कर ले, ताकि उसकी आखिरी इच्छा पूरी हो सके। लेकिन यह सुनकर मिहिर हैरान रह जाता है। वह इस बात से सहमत नहीं होता और मानता है कि शादी जैसे फैसले दबाव में नहीं लिए जा सकते, चाहे हालात कितने भी भावनात्मक क्यों न हों।
मिहिर तुलसी को समझाने की कोशिश करता है, लेकिन तुलसी अपने फैसले पर अडिग रहती है। इससे परिवार में भावनाओं और वास्तविकता के बीच टकराव पैदा हो जाता है। कुछ लोग तुलसी के फैसले का समर्थन करते हैं, तो कुछ का मानना है कि मिहिर की इच्छा का सम्मान होना चाहिए।
नोइना की हालत इस फैसले को और ज्यादा जरूरी बना देती है, जिससे स्थिति और जटिल हो जाती है। अब आने वाले एपिसोड्स में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मिहिर दबाव में आकर यह फैसला मान लेगा या अपने फैसले पर कायम रहेगा।
यह ट्रैक इमोशनल ड्रामा और नैतिक उलझनों से भरा हुआ है, जो दर्शकों को बांधे रखने वाला है।