
मन्नत: धैर्य और मन्नत को अपने संसार के टूटने का डर, विक्रांत ने अधिकार से ज्यादा प्यार को चुनामन्नत में कहानी एक बेहद भावुक मोड़ पर पहुंच गई है, जहां विक्रांत, मन्नत और धैर्य के बीच दिल छू लेने वाला पल सामने आता है। मन्नत और धैर्य, दुआ के साथ एक शांत जीवन जी रहे हैं और अपने छोटे से परिवार को हर परेशानी से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनका सबसे बड़ा डर तब सच हो जाता है जब विक्रांत दुआ से मिलने आ जाता है।
धैर्य बेचैन हो जाता है क्योंकि वह जानता है कि विक्रांत ही दुआ का असली पिता है। उसे डर है कि कहीं विक्रांत दुआ को उससे दूर न कर दे। मन्नत भी इस तनाव को महसूस करती है और विक्रांत से उन्हें अकेला छोड़ देने की विनती करती है, क्योंकि उनके रिश्ते पहले ही काफी उलझे हुए हैं। उन्हें डर है कि सच सामने आने से दुआ कन्फ्यूज हो जाएगी और उसकी मासूम दुनिया पर असर पड़ेगा।
विक्रांत उनकी भावनाओं को समझता है और उनकी बात मान लेता है। एक भावुक पल में वह वादा करता है कि वह दुआ को उनसे अलग नहीं करेगा। वह आश्वासन देता है कि वह धैर्य और दुआ के रिश्ते के बीच नहीं आएगा और उस पर कोई अधिकार नहीं जताएगा। उसके शब्द राहत तो देते हैं, लेकिन उसके अंदर छिपे दर्द को भी दिखाते हैं।
भावनाएं हुईं गहरी, विक्रांत ने दुआ की खुशी के लिए छोड़ा अपना अधिकारविक्रांत यह स्वीकार करता है कि वह सिर्फ दुआ की जिंदगी में एक छोटी सी जगह चाहता है, उससे ज्यादा कुछ नहीं। वह जानता है कि भले ही वह उसका असली पिता है, लेकिन मन्नत और धैर्य ही हैं जो हर दिन उसकी देखभाल कर रहे हैं और उसे पाल रहे हैं। यह एहसास उस पल को और भी भावुक बना देता है।
वादा करने के बाद विक्रांत वहां से चला जाता है, लेकिन धैर्य टूटकर रो पड़ता है। दुआ को खोने का डर अब भी उसे अंदर से हिला रहा है। मन्नत उसके साथ खड़ी रहती है और उसे संभालने की कोशिश करती है।
आने वाले एपिसोड्स में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विक्रांत अपने वादे पर कायम रहता है या हालात उसे अपना फैसला बदलने पर मजबूर कर देते हैं। इन किरदारों के बीच का भावनात्मक रिश्ता आगे और भी गहरे मोड़ लाने वाला है।अपने पसंदीदा शोज़ के और अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।