
आज का एपिसोड विद्या के कृष से अरमान से माफी मांगने के लिए कहने से शुरू होता है। आर्यन विद्या से कहता है कि वह कृष पर अपनी ऊर्जा बर्बाद करना बंद करे क्योंकि उसमें ऐसा कोई ज़मीर नहीं है जो उसकी डांट से जाग जाए। कावेरी संजय से कहती है कि अगर उसने फर्म मांगी होती तो अरमान खुशी-खुशी उसे दे देता। वह पूछती है कि उसने एक बार फिर सबको क्यों दुख पहुंचाया। माधव कहता है कि संजय ने उन्हें कभी परिवार माना ही नहीं। वह कहता है कि संजय और कृष के लिए वे सब सिर्फ मौके हैं।
काजल कहती है कि कृष की भी तारीफ होनी चाहिए। वह कहती है कि संजय हमेशा चाहता था कि कृष उसी जैसा बने और अब उसका सपना पूरा हो गया।संजय पूछता है कि काजल और विद्या उसे कैसे दोष दे सकती हैं, जब 6 साल पहले उन्होंने अरमान की शादीशुदा जिंदगी बर्बाद कर दी थी। मनीषा संजय और कृष को परिवार के साथ विश्वासघात करने के लिए फटकारती है। संजय पूछता है कि मनीषा उनसे इस तरह कैसे बात कर सकती है। मनीषा कहती है कि उसे तो और भी रूखा होना चाहिए। पोद्दार परिवार आपस में लड़ने लगता है।
अभीरा सबको झगड़ा बंद करने और अरमान की हालत देखने के लिए कहती है। वह कृष का कॉलर पकड़ लेती है। संजय अभीरा से कृष को छोड़ने के लिए कहता है। अभीरा संजय से अपनी आवाज़ नीची रखने को कहती है क्योंकि गलत होने के बावजूद उसे ऊंची आवाज़ में बोलने का हक नहीं है। वह संजय और कृष से कहती है कि फर्म अरमान की है और यह सच कभी नहीं बदल सकता। अभीरा उन्हें चेतावनी देती है कि फर्म संभालकर चलाएं क्योंकि आने वाले दिनों में क्या होगा, इसका उन्हें अंदाजा भी नहीं है। मायरा और मुक्ति पूछती हैं कि क्या हुआ।
अरमान इस बात से परेशान होता है कि नौकरी के बिना वह अपनी दोनों बेटियों का पालन-पोषण कैसे करेगा। अभीरा मायरा और मुक्ति को अरमान को सांत्वना देने के लिए लाती है। मायरा अरमान से बचपन की तरह कहानी सुनाने के लिए कहती है, लेकिन अरमान मना कर देता है। तब मुक्ति खुद कहानी सुनाने का फैसला करती है। अभीरा कहती है कि परिवार का साथ बहुत जरूरी होता है। वह अरमान से कहती है कि अपने दुख से बाहर आने के लिए परिवार के साथ रहे। अभीरा और अरमान एक-दूसरे को संभालते हैं।कृष तय करता है कि वह बहुत सावधानी से काम करेगा क्योंकि अरमान के बिना वह कोई गलती नहीं कर सकता।
मायरा कृष से अरमान की फर्म वापस करने के लिए कहती है। कृष कहता है कि उसके और अरमान के बीच जो भी हो रहा है, उसका असर उसके और मायरा के रिश्ते पर नहीं पड़ना चाहिए। मायरा उससे विनती करती है, लेकिन कृष उसे जाकर सोने के लिए कह देता है।अरमान बेरोजगार होने की वजह से दुखी होता है। माधव उसे काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है। अरमान अब भी मानता है कि संजय फर्म को ठीक से चलाएगा। माधव उससे पूछता है कि क्या उसे कृष पर भी भरोसा है।
उधर मुक्ति एक मैथ्स का सवाल हल न कर पाने के कारण परेशान हो जाती है। मायरा किसी चीज़ को ढूंढ रही होती है। वह सोचकर परेशान होती है कि सैनिटरी नैपकिन के लिए किससे पूछे।अरमान मुक्ति की चिंता कम करने में उसकी मदद करता है। वहीं मायरा नैपकिन न मिलने पर रोने लगती है। अभीरा उसकी मदद करती है। अरमान अभीरा को कॉल करने का फैसला करता है। मुक्ति कहती है कि अभीरा निराश हो जाएगी।
वह सोचती है कि अभीरा ने उसका एडमिशन सबसे अच्छे स्कूल में करवाया और वह सवाल भी हल नहीं कर पा रही।अभीरा मायरा से पूछती है कि क्या उसे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है। मायरा कहती है कि पीरियड्स के दौरान अरमान उसका ख्याल रखता था, लेकिन उसे शर्म आती थी। वह याद करती है कि उसे तान्या, कावेरी या मनीषा से इस बारे में बात करने में झिझक होती थी। मायरा कहती है कि अब वह अभीरा के साथ सहज महसूस कर रही है। यह सुनकर अभीरा भावुक हो जाती है।एपिसोड समाप्त।
प्रीकैप: काउंसलर अभीरा और अरमान से तीन दिनों तक एक गुब्बारे का ख्याल रखने के लिए कहती है। वह कहती है कि इंसानी रिश्तों की तरह गुब्बारे भी बहुत नाज़ुक होते हैं। लेकिन अभीरा और अरमान का गुब्बारा खो जाता है और दोनों हैरान रह जाते हैं।
हमारी राय: अब अरमान बेरोजगार है। शायद अभीरा उसकी नौकरी ढूंढने में मदद करेगी। मुक्ति मैथ्स का सवाल हल नहीं कर पाई, ऐसे में अरमान उसे पढ़ाकर ट्यूशन क्लास शुरू करने का विचार कर सकता है। क्या अभीरा अरमान के इस फैसले का समर्थन करेगी? मौजूदा संकट से निपटने के लिए अभीरा और अरमान निश्चित रूप से एक साथ आते नजर आएंगे।