ये रिश्ता क्या कहलाता है 8 अप्रैल 2020 रिटेन अपडेट: नायरा और कार्तिक का…

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कार्तिक और नायरा शादी के मंडप में प्रवेश करते हैं। पंडित नायरा के माता-पिता को कन्या दान के लिए बुलाने के लिए कहता है। दादी  किसी भी रिश्तेदार को जोड़ी में आने के लिए कहती है  पर नायरा कहती है कि कन्यादान उसके पिता द्वारा ही  किया जाएग क्यूँकि उसकी माँ उनकी यादों में ज़िंदा है और  उनके दिल में भी तथा  इस प्रकार  माँ और पिताजी दोनों एक साथ मेरा कन्यादान करेंगे और ऐसा  करने की उनकी इच्छा भी हैं और ये  पल हम  उनसे  छीन नहीं सकते हैं। तभी  कार्तिक कहता है कि नायरा जो कह रही है वह आसान नहीं है पर ये बात भावनाओ से जुडी हैं और  वह दादी को इससे सहमत होने का अनुरोध करता है।

   

दादी उसकी बात मान लेती हैं और  नैतीक नायरा के  कन्या दान को पूरा करता है। पूरा परिवार शादी की विधियों को पूरा होते हुए देख कर खुश भी हैं और दुखी भी।नायरा को अक्षरा की याद आ रही होती हैं वही कार्तिक भी उसके इस दर्द को महसूस करता  है। कार्तिक और नायरा आज केवल  कार्तिक की बहन के कारण ही  सुख प्यार और समृद्धि के साथ धन्य हैं और वह उन्हें बुराई से दूर रहने का आशीर्वाद देती है। कार्तिक और नायरा अग्नि के 7 फेरे लेते हैं। दादी ने उन्हें बताया कि 1 फेरा धर्म के बारे में है क्योंकि आदमी महिलाओं के बिना अधूरा है इसलिए नायरा को सामने रखा गया हैं।

वे पहले फेरा पूरा करते हैं। दूसरा फेरा समृद्धि के लिए । 3 वचन  उनके दांपत्य जीवन में खुशहाली की कामना लिये । फिर अगले फेरे मे कार्तिक को सामने रखा गया है। कार्तिक वातावरण को हल्का करने के लिये  नायरा द्वारा नियंत्रित किए जाने की अपनी स्थिति का मजाक उड़ाता हैं । आगे  4 वाँ फेरा मोक्ष के लिए लिया जाता हैं । अगला समारोह सिंदूर दान का है। इस समारोह को करते हुए कार्तिक और नायरा भावुक हो जाते हैं और वे अपने आंसुओं को नियंत्रित नहीं कर पाते। पूरा परिवार एक-दूसरे को बधाई देता है।

पहला वचन कार्तिक से शुरू होता  है जिसमें कहा जाता है कि नायरा उसकी अन्नपूर्णा है और वह हमेशा उसके साथ रहेगा । नायरा ने वादा किया कि वह अपने सभी कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का पालन करेगी। फिर कार्तिक उसकी रक्षा का वादा करता है और नायरा उसकी खुशी में खुश रहने का वादा करती है। तीसरा वचन उनके बच्चे को शिक्षित करने का है। लेकिन कार्तिक का दावा है कि वे दोनों खुद इतने शरारती हैं तो  उनका बच्चा कैसे मासूम होगा।इसके बाद  नायरा हमेशा एक पुरुष की ही महिला होने का वादा करती है और कभी भी दूसरे पुरुष की तरफ नहीं देखने का दवा करती  है। 4 वादा नायरा अपने सभी वचनों को निभाने का और  कार्तिक के हर फैसले मे उसका साथ देने का वादा करती है। आगे कार्तिक ने वादा किया कि उसने उसका जीवन  समृद्ध बनाया है और नायरा ने वादा किया कि वह उसकी  सभी पसंद नापसंद का ध्यान रखेगी और फिर   कार्तिक एक शांतिपूर्ण जीवन यापन करने  वादा करता है और यही  नायरा उसकी खुशी में खुश रहने का वादा करती है और फिर  आखिरी वादा एक साथ हमेशा खुशी से रहने के लिये दिया गया।

आगे पूरा परिवार शादी की सभी विधिओ के सम्पूर्ण होने  का जश्न मनाता है।  नायरा का परिवार उसकी बिदाई की  तैयारी करता है और सभी प्रक्रियाओं को पूरा करता है। नायरा का  परिवार नायरा को भारी मन से विदाई देता है। दादाजी नायरा को उनके परिवार के मानदंडों और नियमों का पालन करने के लिए कहते हैं। उनके घर पर एक बेटी थी लेकिन अब वे किसी  परिवार की बहू हैं। एक बेटी अपने घर में लाड़-प्यार से रहती है लेकिन ससुराल मे  सब कुछ सामान नहीं होता हैं ।