
एडवोकेट अंजलि अवस्थी: अंजलि (श्रीतमा मित्रा) को माननी पड़ी चौंकाने वाली शर्त, इज्जत की हुई परीक्षा, एडवोकेट अंजलि अवस्थी में कहानी अब एक कठिन और भावनात्मक दौर में प्रवेश कर रही है, जहां चुनाव हारने के बाद अंजलि को बड़ा झटका लगता है। पहले से ही आर्थिक समस्याओं से जूझ रही अंजलि उस वक्त पूरी तरह टूट जाती है जब राघव उसे उसकी हारी हुई शर्त याद दिलाता है।
इसके बाद जो होता है, वह बेहद अपमानजनक होता है, जब राघव खुलेआम उसका मजाक उड़ाता है और उसकी काबिलियत पर सवाल उठाता है।राघव अंजलि से कहता है कि वह उसके घर आकर उसके अधीन काम करे, जैसे कोई नौकरानी काम करती है। वह उसे खाना बनाने, सफाई करने और घर के काम संभालने जैसे कामों की सूची देता है।
साथ ही यह भी कहता है कि उसे एक सामान्य कर्मचारी की तरह ही पैसे मिलेंगे, जिससे स्थिति और ज्यादा अपमानजनक हो जाती है।राघव की बातें अंजलि को गहरा आघात देती हैं, लेकिन अपनी दी हुई बात के कारण वह पीछे नहीं हट पाती।आत्मसम्मान और वचन के बीच फंसी अंजलिअब अंजलि एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां उसे अपने आत्मसम्मान और अपने वचन के बीच चुनाव करना है।
एक वकील के रूप में उसकी पहचान पर सवाल उठाए जाते हैं, जब राघव उसके काम और डिग्री को बेकार बताता है। इससे उसके अंदर गहरा भावनात्मक संघर्ष पैदा होता है, लेकिन वह खुद को मजबूत बनाए रखने की कोशिश करती है।इसी बीच, राघव के घर में एक बड़े जश्न की तैयारी चल रही है, जहां अंजलि को भी मौजूद रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
इससे उस पर और दबाव बढ़ जाता है और हालात और भी कठिन हो जाते हैं।आने वाले एपिसोड्स में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अंजलि इस अपमान को सहन करती है या इसके खिलाफ खड़ी होकर अपनी ताकत साबित करती है। जुड़े रहें अपने पसंदीदा शोज के अपडेट के लिए।