
उड़ने की आशा: रेनुका ने अन्न-जल त्यागा, सचिन (कंवर ढिल्लन) और सायली (नेहा हरसोरा) के सामने मुश्किल परीक्षा, उड़ने की आशा में कहानी एक बेहद भावुक मोड़ लेती है जब परेश अचानक गायब हो जाता है। किसी को नहीं पता कि वह कहां गया है, और यही अनिश्चितता पूरे परिवार को डरा देती है। हालात तब और गंभीर हो जाते हैं जब रेनुका टूट जाती है और घर के मंदिर में जाकर प्रार्थना करने लगती है।
रेनुका अपने दर्द को संभाल नहीं पाती और लगातार भगवान से प्रार्थना करती रहती है कि परेश सुरक्षित वापस आ जाए। वह एक सख्त व्रत लेती है कि जब तक परेश लौटकर नहीं आएगा, तब तक वह कुछ नहीं खाएगी और पानी भी नहीं पिएगी। उसकी हालत देखकर पूरा परिवार परेशान हो जाता है, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं होती। सचिन और सायली उसे समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन उसका विश्वास और जिद उसे अपने फैसले पर अडिग रखता है।
सचिन ने लिया जिम्मा, किया बड़ा वादाअपनी मां को इस हालत में देखकर सचिन फैसला करता है कि अब वह हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकता। वह रेनुका से वादा करता है कि वह परेश को ढूंढकर घर वापस लाएगा। उसके शब्दों से रेनुका को थोड़ी राहत मिलती है और वह अपने बेटे पर भरोसा करते हुए कुछ शांत हो जाती है।
लेकिन सचिन जानता है कि यह काम आसान नहीं है। उसे परेश के बारे में कोई सुराग नहीं है और समय तेजी से निकल रहा है। सायली चुपचाप उसका साथ देती है और दुआ करती है कि सब ठीक हो जाए। परिवार एक साथ डर और उम्मीद के बीच इंतजार करता रहता है।
आने वाले एपिसोड्स में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सचिन अपनी खोज में सफल हो पाता है और अपना वादा निभा पाता है या नहीं। यह भी देखना होगा कि यह संकट परिवार को किस तरह प्रभावित करता है और आगे क्या नए मोड़ आते हैं। जुड़े रहें अपने पसंदीदा शोज के अपडेट के लिए।