
आज के एपिसोड की शुरुआत अनुपमा के राही के आरोपों को याद करके टूट जाने से होती है। वह अनुज की तस्वीर से बात करती है और पूछती है कि क्या उसने सुना कि राही ने उससे क्या कहा। राही की कड़वी बातों को सोचकर अनुपमा बुरी तरह टूट जाती है।
अनुपमा कहती है कि इस बार उसे राही को थप्पड़ मारने का कोई पछतावा नहीं है क्योंकि राही पहले भी कई बार बदतमीजी कर चुकी है। वह कहती है कि पिछली बार भी राही ने गलत व्यवहार किया था, लेकिन उसने उसे माफ कर दिया था। अनुपमा कहती है कि इस बार राही ने उसकी इज्जत पर सवाल उठाकर सारी हदें पार कर दीं।
अनुपमा, अनुज से वापस आने की गुहार लगाती है। वह कहती है कि वह आकर दुनिया के सामने उसका हाथ पकड़े और सबको कहे कि उसे परेशान करना बंद करें। अनुपमा कहती है कि अगर अनुज वापस नहीं आया तो वह समझेगी कि उसने उससे कभी प्यार ही नहीं किया।
तभी अनुपमा की कल्पना में अनुज वापस आता है और उसे संभालता है। लेकिन जैसे ही अनुज गायब हो जाता है, अनुपमा चौंक जाती है। वह अनुज को अपना साया बनने के लिए धन्यवाद देती है। अनुपमा कहती है कि अनुज ने उसे फिर से खुद पर विश्वास करना सिखाया। वह मानती है कि अगर वह दूसरों के सामने टूट जाएगी तो लोग उसे जज करेंगे, लेकिन सिर्फ अनुज ही उसके आंसुओं को समझता है। अनुपमा अनुज का सपना पूरा करने की कसम खाती है।
दूसरी तरफ, अनिल वसुंधरा से पूछता है कि क्या वह पूरी रात जागती रही। वह उसे यह मामला खत्म करने के लिए कहता है। लेकिन वसुंधरा कहती है कि वह शाह परिवार द्वारा किए गए अपमान को नहीं भूल सकती। वह अनुपमा को दोष देती है।
गौतम, अनुपमा के चरित्र पर सवाल उठाता है। प्रेम कहता है कि वह अनुपमा से नाराज़ जरूर है, लेकिन कोई भी उसके चरित्र पर उंगली नहीं उठा सकता। वह गौतम को चुप करा देता है। ख्याति भी अनुपमा का साथ देती है।वसुंधरा, ख्याति से पूछती है कि क्या वह आंख बंद करके अनुपमा का समर्थन कर रही है। ख्याति उसे याद दिलाती है कि उसने पराग को लंदन में अपने दोस्तों से मिलने की इजाजत दी थी। वह यह भी कहती है कि श्रुति, जो अनुज के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी, उसे भी इस घर में स्वीकार किया गया था। ख्याति पूछती है कि फिर सिर्फ अनुपमा और उसे ही ताने क्यों दिए जाते हैं।
राही कहती है कि वह अनुपमा का नाम सुनकर ही घिन महसूस करती है। ख्याति, राही से कहती है कि वह अपनी मानसिक शांति खराब न करे क्योंकि कोई उसके गुस्से को भड़का रहा है। वह चेतावनी देती है कि एक दिन राही अपनी मां को खो देगी।
उधर, दिग्विजय घर छोड़ने का फैसला करता है। अनुपमा उसे समझाती है कि वह जाकर लोगों को यह साबित न करने दे कि उसके इरादे गलत थे। वह कहती है कि दिग्विजय के साथ हो या बिना उसके, वह सावी और अनुज का सपना जरूर पूरा करेगी।
हालांकि, वह यह भी कहती है कि फैसला दिग्विजय का होगा।श्रुति, ख्याति से कहती है कि जब तक वह है, राही कभी अपनी मां को नहीं खोएगी। वह बताती है कि वह अनुज के साथ इस उम्मीद में रह रही थी कि दोनों शादी करेंगे। श्रुति कहती है कि अनुपमा का दिग्विजय के साथ रहना दो बातें दर्शाता है — या तो उनका रिश्ता शुरू होने वाला है या फिर शुरू हो चुका है। यह सुनकर ख्याति हैरान रह जाती है।
अनुपमा कहती है कि अब कोई भी चीज उसे उसके मिशन से भटका नहीं सकती। वह बिना किसी के सहारे आगे बढ़ने का फैसला करती है।वहीं, किंजल, माही, अंश और इशानी हसमुख को सफाई करने से रोकते हैं। हसमुख कहता है कि वह सिर्फ गंदगी साफ कर सकता है, लेकिन लोगों की गंदी सोच नहीं।
पाखी और परितोष कहते हैं कि अनुपमा ने कभी उनके लिए कुछ नहीं किया, फिर भी हसमुख उसका पक्ष ले रहा है। हसमुख गुस्सा हो जाता है। लीला उससे दिग्विजय को वापस भेजने के लिए कहती है, लेकिन हसमुख साफ मना कर देता है।अनुपमा और राही दोनों बेचैन हो जाती हैं। दिग्विजय, अनुपमा को संभालता है। वहीं राही, प्रेम से कहती है कि वह कभी भी अनुपमा की प्राथमिकता नहीं बन सकती।
दिग्विजय कहता है कि कोठारी परिवार और प्रेम के सामने थप्पड़ खाने के बाद राही को बुरा लगा होगा। अनुपमा कहती है कि राही के आरोप सुनकर वह अपना आपा खो बैठी थी। वह पूछती है कि कोई बेटी अपनी मां के बारे में इतना गलत कैसे बोल सकती है। अनुपमा कहती है कि वह राही से बहुत प्यार करती है, लेकिन राही कहती है कि अनुपमा ने उससे कभी प्यार नहीं किया।एपिसोड समाप्त।
प्रीकैप: अनुपमा जल्द से जल्द अपना कैफे खोलने का फैसला करती है और उसके लिए मेहनत करने लगती है। किंजल उसे बताती है कि माही ने गौतम को कानूनी नोटिस भेजा है। वसुंधरा कहती है कि अनुपमा ने बदला लेने के लिए तलाक के पेपर भेजे हैं। वह गौतम के साथ मिलकर अनुपमा का कैफे शुरू होने से पहले ही बर्बाद करने की योजना बनाती है। वहीं अनुपमा, माही से कहती है कि वह वही करे जो उसे सही लगे और कोठारी परिवार क्या सोचेगा इसकी चिंता न करे।
हमारी राय: इस बार अनुपमा गलत नहीं है। अच्छा लगा कि उसे राही को थप्पड़ मारने का पछतावा नहीं है। राही इस समय पूरी तरह गलत नजर आ रही है। अनुपमा का उससे दूरी बनाना सही फैसला है। राही को सच में खुद को बदलने और ईमानदारी से अनुपमा से माफी मांगने की जरूरत है।