
आज के एपिसोड की शुरुआत अभिरा के मायरा से यह कहने से होती है कि वह रोए नहीं क्योंकि वह उसके साथ है। वह मायरा से खुलकर रोने के लिए कहती है और समझाती है कि इन दिनों मूड स्विंग्स होना आम बात है। मायरा कहती है कि वह तभी मुस्कुराएगी जब अभिरा हमेशा उसके साथ रहेगी। अभिरा उसे भरोसा दिलाती है।
वहीं दूसरी तरफ, अरमान मुक्ति से पूछता है कि क्या उसे सच में लगता है कि अभिरा उसकी पढ़ाई को लेकर उससे नाराज़ होगी। मुक्ति कहती है कि पोद्दार हाउस में ज्यादातर लोग उससे नाराज़ रहते हैं। वह कहती है कि अभिरा ने उसे अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए बहुत संघर्ष किया, लेकिन वह ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रही है। अरमान मुक्ति को समझाता है और उसका हौसला बढ़ाता है।अभिरा, कृष और तान्या की लड़ाई सुन लेती है। तान्या, कृष पर परिवार से धोखा करने का आरोप लगाती है।
वह कहती है कि उसकी वजह से उसे यह सच छिपाना पड़ा कि कृष ने मायरा की लोकेशन मेहर को बताई थी। कृष कहता है कि तान्या उसकी पत्नी है और उसका फर्ज है कि वह उसका साथ दे। पोद्दार परिवार कृष और तान्या के कमरे के बाहर इकट्ठा हो जाता है। काजल घर छोड़ने का फैसला करती है। कृष काजल से उसके बारे में गलत न सोचने की बात कहता है। तान्या, काजल का समर्थन करती है। संजय कहता है कि उसने परिवार के लिए बहुत कुछ किया है और वह घर छोड़कर नहीं जाएगा।
अरमान, कृष को घर से बाहर निकाल देता है। कृष जाने से मना कर देता है। तभी अभिरा अरमान से कृष को छोड़ देने के लिए कहती है। अरमान चेतावनी देकर कृष को माफ कर देता है और कृष तुरंत घर के अंदर भाग जाता है। इसके बाद अरमान, अभिरा के साथ काउंसलर के पास जाने का फैसला करता है।काउंसलर, अभिरा और अरमान को गुब्बारे फुलाने का टास्क देती है। अरमान हैरानी से पूछता है कि क्या उन्हें सिर्फ गुब्बारे फुलाने के लिए बुलाया गया है।
काउंसलर दोनों से कहती है कि उन्हें तीन दिनों तक इन गुब्बारों का ध्यान रखना होगा। वह रिश्तों की तुलना गुब्बारों से करती है। अरमान इस टास्क का मजाक उड़ाता है, लेकिन अभिरा उससे कहती है कि अगर वह उसके लिए थोड़ा भी नहीं बदल सकता तो कम से कम इस टास्क को गंभीरता से ले।पार्क में एक छोटा बच्चा रोते हुए अरमान से गुब्बारा मांगता है। अरमान उसे देने से मना कर देता है।
बच्चा और जोर से रोने लगता है। उसकी मां अरमान से पूछती है कि वह एक गुब्बारे के लिए बच्चे से क्यों लड़ रहा है। फिर भी अरमान गुब्बारा नहीं देता। तब अभिरा बच्चे का ध्यान दूसरी तरफ कर देती है। इसके बाद अरमान और अभिरा तीन दिनों तक गुब्बारों को सुरक्षित रखने की कसम खाते हैं। दोनों अपने-अपने गुब्बारों का ध्यान रखने में संघर्ष करते नजर आते हैं।एपिसोड समाप्त।
प्रीकैप: विद्या कहती है कि मदर्स डे पर हर बच्चा अपनी मां के साथ जश्न मना रहा है, लेकिन वह खुद को बदकिस्मत मानती है। अभिरा, अरमान से कहती है कि वह विद्या से नाराज़ न रहे। वह कहती है कि विद्या ने भले उसे बर्बाद करने की कोशिश की हो, लेकिन हमेशा अरमान के लिए अच्छा ही चाहा है। अभिरा अरमान से विद्या से बात करने के लिए कहती है, वरना वह जीते जी मर जाएगी।
हमारी राय: अब अभिरा की जरूरत से ज्यादा महान बनने वाली आदत, अनुपमा की तरह, काफी परेशान करने लगी है। वह अपने रिश्ते में सिर्फ इसलिए दुख झेलती है क्योंकि वह हर बार अरमान के फैसलों को कंट्रोल करने की कोशिश करती है। जब भी अरमान खुद के लिए कोई स्टैंड लेता है, अभिरा को उससे दिक्कत होने लगती है और वह बीच में आकर हीरो बनने की कोशिश करती है। विद्या से बात करनी है या नहीं, यह पूरी तरह अरमान का फैसला होना चाहिए, लेकिन अभिरा बेवजह इस मामले में दखल दे रही है।